उत्तर प्रदेश सरकार ने 16 ‘सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र’ (SVPEIZ) केंद्रों के पहले चरण को मंजूरी दे दी है, जिन्हें 9 क्षेत्रीय जोनों के हब‑एंड‑स्पोक मॉडल पर विकसित किया जाएगा। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, योजना का उद्देश्य कौशल विकास, औद्योगिक अवसंरचना, प्लेसमेंट और उद्यमिता सेवाओं को एकीकृत करना है, ताकि युवाओं को प्रशिक्षण से लेकर नौकरी या स्वरोज़गार तक “वन‑स्टॉप” सुविधा मिले। (16 जुलाई 2026, हिंदुस्तान टाइम्स)
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में बताया गया कि प्रथम चरण के 16 केंद्रों में से पांच का विकास सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग तथा उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) करेंगे; दो‑दो केंद्र उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज़ औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) संभालेंगे; जबकि एक‑एक केंद्र ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण और गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA) विकसित करेंगे। रिपोर्ट में प्रधान सचिव (एमएसएमई) शशिभूषण लाल सुशील के हवाले से परियोजना के संस्थागत ढांचे का ब्यौरा दिया गया है। (16 जुलाई 2026, टाइम्स ऑफ इंडिया)
फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक, परियोजना के तहत कौशल‑उद्योग एकीकरण पर जोर देते हुए ऐसे समेकित केंद्र स्थापित किए जाएंगे जहां प्रशिक्षण, करियर परामर्श, प्लेसमेंट, आम सुविधाएं (कॉमन फैसिलिटी सेंटर) और ‘प्लग‑एंड‑प्ले’ स्पेस एक ही परिसर में उपलब्ध हों। समाचार में यह भी उल्लेख है कि पहल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्वीकृति के बाद प्रथम चरण में 16 केंद्रों से शुरू किया जा रहा है। (16 जुलाई 2026, फाइनेंशियल एक्सप्रेस)
इन केंद्रों को नौ जोनों में बाँटने का मकसद स्थानीय उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल तैयार करना और निवेश को जिलास्तर तक फैलाना है। इन्वेस्ट यूपी के ‘इन द न्यूज़’ पेज पर 16 जुलाई 2026 को प्रकाशित अपडेट में इसे “वन‑स्टॉप इंडस्ट्रियल जॉब हब्स” के रूप में वर्णित किया गया है, जो राज्य की रोज़गार सृजन नीतियों के साथ समन्वय में लागू होंगे। (16 जुलाई 2026, InvestUP)
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, पहले चरण के लिए विभिन्न प्राधिकरणों की जिम्मेदारियां निर्धारित कर दी गई हैं और परियोजना को चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। इसी रिपोर्ट में कहा गया है कि जोनल ढांचे के केन्द्र में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ होंगे, जिनसे क्षेत्रीय कौशल प्रशिक्षण और उद्योग आवश्यकताओं का सीधा तालमेल बनाया जाएगा। (16 जुलाई 2026, टाइम्स ऑफ इंडिया)
स्रोत: www.hindustantimes.com · timesofindia.indiatimes.com · www.financialexpress.com · invest.up.gov.in




