मॉनसून सत्र शुरू होने से एक दिन पहले 19 जुलाई 2026 को हुई सर्वदलीय बैठक में केंद्र द्वारा नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के रूप में पहचाने जा रहे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को आमंत्रण देने पर विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई और बैठक से वॉकआउट किया। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, विपक्ष का तर्क है कि लोकसभा अध्यक्ष ने अभी तक बागी सांसदों के ‘NCPI’ के रूप में मान्यता पर निर्णय नहीं दिया है, ऐसे में उन्हें अलग ब्लॉक मानकर बुलाना प्रक्रियात्मक रूप से अनुचित है। ([timesofindia.indiatimes.com](https://timesofindia.indiatimes.com/india/opposition-boycotts-all-party-meet-stages-walkout-over-invitation-to-tmc-rebels/articleshow/132490782.cms?utm_source=openai))
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, 18 जुलाई की रात संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने TMC के बागी नेता सुदीप बंद्योपाध्याय को ‘NCPI’ के लोकसभा नेता के रूप में संबोधित करते हुए 19 जुलाई की बैठक का आमंत्रण भेजा था। इसी पत्राचार का हवाला देते हुए विपक्ष ने कहा कि सरकार पूर्व-निर्णय संकेत दे रही है, जबकि स्पीकर का फैसला लंबित है। ([ndtv.com](https://www.ndtv.com/india-news/parliament-monsoon-session-centre-signals-recognition-of-ncpi-with-trinamool-congress-rebels-triggers-row-11789971?pfrom=home-ndtv_mainnavigation&utm_source=openai))
हिंदुस्तान टाइम्स ने 19 जुलाई को बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष TMC के 20 सांसदों ने ‘NCPI’ में विलय का दावा किया है, पर औपचारिक मान्यता अभी विचाराधीन है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि सरकार की ओर से सर्वदलीय बैठक के आमंत्रण में इन सांसदों को ‘NCPI’ प्रतिनिधि के रूप में संदर्भित किया गया, जिससे राजनीतिक तनातनी बढ़ी। ([hindustantimes.com](https://www.hindustantimes.com/india-news/om-birla-gives-nod-to-merger-of-uddhav-rebels-with-shinde-sena-tmc-rebels-with-ncpi-101784392247459.html?utm_source=openai))
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, विपक्षी दलों ने बैठक के दौरान आपत्ति दर्ज कराने के बाद सामूहिक रूप से बाहर निकलकर कहा कि बागी सांसद अभी भी तृणमूल कांग्रेस के ही सांसद हैं और उनके विरुद्ध अयोग्यता की कार्यवाही तथा मान्यता संबंधी निर्णय प्रक्रियाएँ जारी हैं। विपक्ष ने मांग की कि किसी भी नए ब्लॉक को मान्यता देने से पहले लोकसभा अध्यक्ष का स्पष्ट आदेश सार्वजनिक किया जाए। ([timesofindia.indiatimes.com](https://timesofindia.indiatimes.com/india/opposition-boycotts-all-party-meet-stages-walkout-over-invitation-to-tmc-rebels/articleshow/132490782.cms?utm_source=openai))
इधर, वित्तीय एवं विधायी एजेंडा को लेकर सरकार ने 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलने वाले मॉनसून सत्र में कई विधेयकों पर चर्चा का संकेत दिया है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस ने 19 जुलाई को बताया कि आयकर संशोधन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (MSME) सुधार तथा राष्ट्रीय सम्मान के अपमान निवारण संशोधन जैसे प्रस्तावों पर प्राथमिकता दी जा सकती है। ([financialexpress.com](https://www.financialexpress.com/india-news/monsoon-session-2026-parliament-to-open-amid-alliance-turmoil-walkout-over-rebel-mps-tmc-shiv-sena-bjp-congress-ncpi/4296277/?utm_source=openai))
संसदीय कार्यक्रम पर नज़र रखने वाले पीआरएस इंडिया ने सत्र की तिथियां 20 जुलाई से 13 अगस्त 2026 बताई हैं। इस राजनीतिक खींचतान के बीच, पहला दिन कार्यवाही के सुचारू संचालन और सदन में दलों की बैठने की व्यवस्थाओं पर स्पीकर के निर्णय का इंतज़ार रहेगा। ([prsindia.org](https://prsindia.org/sessiontrack/monsoon-session-2026/session-alert?utm_source=openai))
स्रोत: timesofindia.indiatimes.com · www.ndtv.com · www.hindustantimes.com · prsindia.org




