केंद्र की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ प्रस्ताव पर 10–11 जुलाई 2026 को गोवा में दो-दिवसीय परामर्श कर रही है। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) मुंबई के अनुसार, समिति संविधान (एक सौ उनतीसवां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश क़ानून (संशोधन) विधेयक, 2024 की जांच के हिस्से के रूप में राज्य सरकार के प्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों, संवैधानिक अधिकारियों, अकादमिक जगत तथा उद्योग संगठनों से राय ले रही है। समिति की अध्यक्षता लोकसभा सांसद पी.पी. चौधरी कर रहे हैं।
स्थानीय मीडिया ‘द गोअन’ के मुताबिक़, गोवा की भाजपा नीत राज्य सरकार इस प्रस्ताव का समर्थन कर रही है, जबकि कांग्रेस ने इसके विरोध का संकेत दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि समिति के साथ बातचीत में राज्य के विभिन्न हितधारक अपने-अपने पक्ष रखेंगे।
PIB के नोट के अनुसार, यह परामर्श राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे अध्ययन दौरे का हिस्सा है, जिसमें समिति पहले भी विभिन्न राज्यों की राजधानी शहरों में बैठकों का आयोजन कर चुकी है। इन परामर्शों का उद्देश्य एकसाथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराने के लिए आवश्यक संवैधानिक एवं क़ानूनी संशोधनों पर व्यापक मत-संग्रह करना है।
‘द नवहिंद टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, गोवा यात्रा से पहले समिति ने मुंबई, देहरादून, चंडीगढ़, शिमला, बेंगलुरु और गांधीनगर सहित कई स्थानों पर हितधारकों से मुलाक़ातें की थीं। अख़बार ने बताया कि गोवा में भी समिति राजनीतिक नेतृत्व और प्रशासनिक अधिकारियों से विस्तृत चर्चा करेगी।
‘द गोअन’ की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि स्थानीय राजनीतिक दल प्रस्ताव के प्रभाव—खर्च, प्रशासनिक निरंतरता और संघीय ढांचे पर असर—जैसे बिंदुओं पर अपने लिखित/मौखिक सुझाव सौंपेंगे।
PIB के अनुसार, गोवा में यह दौरा शुक्रवार 10 जुलाई और शनिवार 11 जुलाई 2026 को निर्धारित है, जिसके बाद समिति प्राप्त सुझावों को अपनी रिपोर्ट का हिस्सा बनाएगी।
स्रोत: www.pib.gov.in · www.thegoan.net · navhindtimes.in




