कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास चीन की कथित बढ़ती सैन्य गतिविधियों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेतृत्व ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्रालय से सीमा पर वस्तुस्थिति स्पष्ट करने तथा भारतीय सैनिकों की पारंपरिक गश्ती सीमा पर जवाब देने की मांग की है।
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में सवाल उठाया कि “गलवान के बाद, क्या अब अरुणाचल प्रदेश की बारी है?” खरगे ने कहा कि टाक्सिंग क्षेत्र में चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) द्वारा आगे बढ़ने और ‘शेरा-5’ नामक तय गश्ती बिंदु तक भारतीय सेना की नियमित पहुंच बाधित होने की खबरें बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि शीतकाल के दौरान इस संवेदनशील सेक्टर में भारतीय गश्त सीमित रहने और चीनी सेना की सालभर मौजूदगी के पीछे क्या कारण हैं, तथा स्थानीय ग्रामीणों के पारंपरिक चराई मैदान क्यों पहुंच से बाहर हो रहे हैं।
यूएनआई और ईटीवी भारत के अनुसार, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार सीमा पर वास्तविक परिस्थितियों को सार्वजनिक करने के बजाय मीडिया पर दबाव बनाकर सच्चाई को दबाने का काम कर रही है। राहुल गांधी ने कहा कि देश की सुरक्षा प्राथमिक होनी चाहिए और सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या भारतीय सेना को एलएसी पर अपने तय पेट्रोलिंग प्वाइंट्स पर जाने से रोका गया है। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य और क्षमता पर पूरे देश को अटूट विश्वास है और देश चीनी अतिक्रमण के खिलाफ अपने जवानों के साथ मजबूती से खड़ा है।
द स्टेट्समैन के अनुसार, कांग्रेस ने मई 2020 से पहले की यथास्थिति (Status Quo Ante) की पुनर्बहाली पर भी सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। खरगे ने पूछा कि पूर्वी लद्दाख और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में डिसइंगेजमेंट की प्रक्रिया कहां तक पहुंची है और क्या भारत उन सभी क्षेत्रों में गश्त करने में सक्षम है जहां वह मई 2020 से पहले तक करता था। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, केंद्र सरकार पूर्व में यह स्पष्ट करती रही है कि देश की क्षेत्रीय अखंडता पूरी तरह सुरक्षित है और सीमा सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया है।
स्रोत: www.thehindu.com · www.uniindia.com · www.etvbharat.com




