उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1 जुलाई 2026 को सहारनपुर से राज्यव्यापी ‘डिजी रोवर (GNSS) विशेष भू‑मापन अभियान’ की शुरुआत की। यह अभियान 15 अगस्त 2026 तक चलाया जाएगा और तहसील स्तर पर भूमि सीमांकन व मापन से जुड़े लंबित प्रकरणों को आधुनिक तकनीक से निपटाने का लक्ष्य रखता है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, कार्यक्रम की शुरुआत सहारनपुर में हुई और इसे पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।
अखिल भारतीय रेडियो (न्यूज़ ऑन एयर) की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और राजस्व अधिकारी मिशन मोड में पारदर्शी तरीके से कार्य करें ताकि हर पात्र नागरिक को समयबद्ध सेवा मिल सके। विभागों को ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) आधारित डिजी रोवर यंत्रों से सटीक मापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अभियान के तहत राजस्व अभिलेखों के अनुरूप जमीनी सीमांकन, निशानदेही और विवादित खंडों की पैमाइश कराते हुए रिपोर्ट तैयार की जाएगी। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, सरकार का उद्देश्य भूमि‑संबंधी सेवाओं को सरल, पारदर्शी और तकनीक‑आधारित बनाना है ताकि नागरिकों को बार‑बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और राजस्व व विकास परियोजनाओं में देरी कम हो।
इंडियन मास्टरमाइंड्स की रिपोर्ट में कहा गया कि सहारनपुर कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने डिजी रोवर‑आधारित इस विशेष मापन अभियान की औपचारिक शुरुआत की और समयसीमा के भीतर निस्तारण पर जोर दिया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि अभियान 1 जुलाई से 15 अगस्त 2026 तक चलेगा, जिसके दौरान लंबित सीमांकन प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने का लक्ष्य रखा गया है।
अधिकारियों के अनुसार, GNSS तकनीक के इस्तेमाल से खेत‑खसरे की सीमाएं ज्यादा सटीकता के साथ तय होंगी, जिससे रजिस्ट्री, नामांतरण, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और बैंकिंग/कredit से जुड़े कार्यों में स्पष्टता आएगी। न्यूज़ ऑन एयर के अनुसार, मुख्यमंत्री ने इस दौरान राजस्व टीमों को जरूरी मानव संसाधन और उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि तय समयसीमा में कार्य पूरे किए जा सकें।
स्रोत: timesofindia.indiatimes.com · newsonair.gov.in · indianmasterminds.com




