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Politics

वंदे मातरम पर कांग्रेस के फैसले पर भड़के सीएम धामी, बताया ‘देश विरोधी’

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वंदे मातरम के केवल दो अंतरे गाने के कांग्रेस के फैसले को देश विरोधी और तुष्टिकरण की राजनीति करार दिया। बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी हमला बोला।

प्रतीकात्मक चित्र

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) द्वारा पार्टी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के केवल दो अंतरे गाने के निर्णय पर तीखा हमला बोला है। देहरादून में मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने इस फैसले को ‘देश विरोधी’ करार दिया और आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी तुष्टिकरण की राजनीति के तहत राष्ट्रगीत को बांटने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों के सपनों पर कुठाराघात है।

मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्षी दल को यह डर सता रहा है कि वंदे मातरम का संपूर्ण गायन करने से देश के देवी-देवताओं की स्तुति होगी। उन्होंने उत्तराखंड के स्थानीय कांग्रेस नेताओं को घेरते हुए कहा कि प्रदेश नेतृत्व को अपने केंद्रीय आलाकमान से पूछना चाहिए कि यदि ‘देवभूमि’ उत्तराखंड में देवी-देवताओं का स्मरण नहीं किया जाएगा तो कहां किया जाएगा। उन्होंने मां नंदा-सुनंदा, मां दुर्गा, मां पूर्णागिरी, मां धारी देवी और मां ज्वाल्पा देवी जैसे पवित्र धर्मस्थलों का हवाला देते हुए कांग्रेस पर जनभावनाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने भी मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन किया। महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के इस कदम को राष्ट्रगीत और भारत माता का अपमान बताते हुए इसे असंवैधानिक और तुष्टिकरण की पराकाष्ठा करार दिया। उन्होंने कहा कि वोट बैंक के लिए राष्ट्रीय प्रतीकों का अनादर करना कांग्रेस की पुरानी कार्यशैली रही है और देश की जनता इस मानसिकता को अच्छी तरह समझती है।

दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने इस आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के शुरुआती दो अंतरे गाने की परंपरा दशकों पुरानी रही है और भाजपा इस विषय का राजनीतिकरण कर रही है।

स्रोत: theprint.in · www.ibc24.in