उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार, 9 अगस्त को राजधानी देहरादून के गांधी पार्क में आयोजित ‘हर घर तिरंगा यात्रा’ में हिस्सा लिया और स्वतंत्रता दिवस से पूर्व राज्यवासियों से अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अपील की। गांधी पार्क से क्लॉक टावर तक आयोजित इस यात्रा में बड़ी संख्या में नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलनकारी स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी और भारत रत्न डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि तिरंगा देश के स्वाभिमान और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ‘अमृत काल’ के दौर से गुजर रहा है और वैश्विक मंच पर अपनी नई पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि के नागरिक हमेशा राष्ट्रीय कर्तव्यों के प्रति अग्रणि रहे हैं और राज्य सरकार देश की सुरक्षा, अखंडता व संप्रभुता के प्रति पूरी तरह संकल्पबद्ध है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार द्वारा पिछले तीन वर्षों में लिए गए प्रमुख विधायी और प्रशासनिक निर्णयों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को मंजूरी देकर लागू किया है। इसके अलावा राज्य में कड़ा धर्मांतरण रोधी कानून और दंगा रोधी कानून लागू किया गया है। शासन द्वारा मदरसा बोर्ड को समाप्त कर ‘उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण’ का गठन किया गया है, जिसके तहत नियमों के विपरीत संचालित 250 से अधिक अवैध मदरसों को बंद कराया गया है।
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि राज्य में चलाए गए सरकारी भूमि संरक्षण अभियान के तहत अब तक 13,000 एकड़ से अधिक भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल रोधी कानून उत्तराखंड में लागू किया गया है। राज्य सरकार द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस तक प्रदेश के सभी जिलों, ब्लॉकों और पंचायतों में तिरंगा यात्राएं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ विषय पर केंद्रित विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
स्रोत: www.aninews.in · www.latestly.com · timesofindia.indiatimes.com




