देहरादून में मंगलवार, 21 जुलाई को उत्तराखंड बेरोजगार संघ के आह्वान पर सैकड़ों युवाओं ने परेड ग्राउंड से राज्य सचिवालय तक मार्च निकालकर लंबित सरकारी भर्तियों को शीघ्र पूरा करने और वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करने की मांग उठाई। कार्यक्रम स्थल एवं मार्ग पर पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई और रैली के दौरान ‘भर्ती प्रक्रिया तेज करो’ जैसे नारे लगे। यह जानकारी अमर उजाला और एबीपी के देहरादून संस्करणों के अनुसार है।
गढ़वाल पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में हाल के छात्र प्रदर्शनों पर कथित लाठीचार्ज की निंदा की और उसे रोजगार व परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ व्यापक राष्ट्रीय असंतोष से जोड़ा। संघ के बैनर तले निकली रैली में प्रतिभागियों ने लंबित जेई-एई समेत विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने, ठोस समय-सारिणी तय करने और पारदर्शिता बढ़ाने की मांग रखी।
एबीपी लाइव की खबर के मुताबिक, परेड ग्राउंड पर जुटने के बाद युवाओं ने सचिवालय की ओर कूच किया और प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाने की बात कही। अमर उजाला ने बताया कि रैली को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की थी।
इसी क्रम में बुधवार, 22 जुलाई को देहरादून में भाजपा के खिलाफ कांग्रेस की अलग रैली भी निकली, जिसमें पार्टी ने केंद्र सरकार को छात्रों-युवाओं के मुद्दों पर घेरते हुए दिल्ली घटनाक्रम का विरोध किया। द प्रिंट (पीटीआई) के अनुसार, कांग्रेस ने हल्द्वानी और नैनीताल में भी प्रदर्शन कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई।
गढ़वाल पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, बेरोजगार संघ ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगें—लंबित भर्तियों का त्वरित निष्पादन, नई रिक्तियों की अधिसूचना और भर्ती कैलेंडर—सरकार के समक्ष औपचारिक रूप से रखी जाएंगी। समाचारों के अनुसार, प्रशासन ने प्रदर्शन शांतिपूर्ण रखने के लिए वार्ता की पेशकश की और सुरक्षा व्यवस्थाएं बनाए रखीं।
स्रोत: garhwalpost.in · www.amarujala.com · hindi.theprint.in · www.abplive.com




