देहरादून, 27 जून 2026। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 25 जून को संविधान हत्या दिवस के अवसर पर 1975 के आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का एक काला अध्याय बताया।
सीएम धामी ने कहा कि 50 वर्ष पहले आपातकाल थोपकर संविधान की आत्मा को कुचलने का प्रयास किया गया था। उन्होंने इसे तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हठधर्मिता और तानाशाही रवैये का परिणाम बताया।
धामी ने जोर दिया कि संविधान हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों की गारंटी देता है। आपातकाल के दौरान नागरिक स्वतंत्रताओं पर अंकुश लगाया गया, प्रेस की आजादी दबाई गई और सत्ता बनाए रखने के लिए संविधान की भावना को कमजोर किया गया।
मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिवारों का सम्मान किया तथा कहा कि आने वाली पीढ़ियों को आपातकाल के दौरान हुए बलिदानों और संघर्षों के बारे में अवगत कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
यह कार्यक्रम देहरादून में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय और समाचार एजेंसियों ने बयान जारी किया।
स्रोत: www.livemint.com · www.hindustantimes.com · www.aninews.in




