वार्षिक कांवड़ यात्रा 2026 के संपन्न होने के बाद धर्मनगरी हरिद्वार के गंगा घाटों, मेला क्षेत्रों और पार्किंग स्थलों पर भारी मात्रा में फैला कचरा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर वायरल हो रहे वीडियो में हर की पौड़ी और आसपास के घाटों पर प्लास्टिक की चादरें, पॉलीथिन और पुराने कपड़े बिखरे दिखाई दे रहे हैं। इस स्थिति के सामने आने के बाद हरिद्वार नगर निगम ने शहर को स्वच्छ बनाने के लिए एक सप्ताह का विशेष महा-सफाई अभियान शुरू किया है।
हरिद्वार नगर निगम द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष कांवड़ मेले के दौरान घाटों और मेला स्थलों से करीब 8,000 मीट्रिक टन कचरा एकत्र किया गया है। पुलिस प्रशासन के अनुमान के मुताबिक, इस वर्ष रिकॉर्ड 4.8 करोड़ कांवड़ श्रद्धालु गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंचे, जो पिछले वर्ष के 4.5 करोड़ के आंकड़े से अधिक है। सामान्य दिनों में हरिद्वार शहर में प्रतिदिन औसतन 200 मीट्रिक टन कचरा उत्पन्न होता है, जबकि यात्रा के अंतिम दिनों में कचरे की मात्रा में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सोशल मीडिया पर साझा की गई वीडियो क्लिप्स में महिला चेंजिंग रूम और सार्वजनिक सुविधाओं के आसपास फैली गंदगी को लेकर लोगों ने प्रतिक्रियाएं दी हैं। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय निवासियों और संत समाज ने भी पवित्र गंगा घाटों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए श्रद्धालुओं से भविष्य में सहयोग की अपील की। इसके साथ ही नागरिक निकायों द्वारा ठोस कचरा प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए जाने की मांग उठाई गई।
हरिद्वार के नगर आयुक्त नंदन कुमार के अनुसार, कचरा हटाने के लिए नगर निगम ने नियमित अमले के अलावा 1,000 से अधिक अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों को 24 घंटे की शिफ्टों में तैनात किया है। उन्होंने बताया कि डंपिंग ग्राउंड तक कचरा परिवहन के लिए दर्जनों वाहनों का उपयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के सहयोग से एकत्रित कचरे से प्लास्टिक और वस्त्र-अपशिष्ट को अलग कर पुनर्चक्रण (recycling) के लिए भेजा जा रहा है।
स्रोत: www.hindustantimes.com · www.wionews.com · www.ndtv.com




