उत्तराखंड में मौसम विभाग द्वारा जारी भारी से भारी बारिश के ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट के चलते प्रशासन ने चारधाम यात्रा को 26 और 27 सितंबर के लिए अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप के आदेश के बाद केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों को विभिन्न पड़ावों पर रोक दिया गया है। इसके साथ ही हेमकुंड साहिब और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में इस सीजन की पहली बर्फबारी भी दर्ज की गई है, जिससे राज्य में ठंड बढ़ गई है।
चारधाम यात्रा के विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) प्रजापति नौटियाल के अनुसार, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा को रोकने का फैसला लिया गया है। प्रशासन ने रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी और पौड़ी जिलों में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों और ट्रांजिट होल्डिंग केंद्रों जैसे हीना और डोबाटा पर रुकने की सलाह दी है। इसके अलावा प्रतिकूल मौसम के कारण केदारनाथ धाम के लिए संचालित होने वाली हेलीकॉप्टर सेवाओं को भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं चमोली जिले में स्थित प्रसिद्ध सिख तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब में शनिवार को लगभग आधा फीट बर्फबारी दर्ज की गई। मौसम में आए इस अचानक बदलाव और सुरक्षा कारणों के चलते पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल और रुद्रप्रयाग जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित की गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और सभी जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें और नदियों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के पास न जाएं। राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि सभी 13 जिलों के आपदा नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है तथा मौसम सामान्य होने के बाद यात्रा को दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।
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