सुप्रीम कोर्ट ने 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और केंद्र सरकार द्वारा NEET‑UG परीक्षा प्रणाली में किए जा रहे संरचनात्मक सुधारों की अदालत स्वयं ‘क्लोज मॉनिटरिंग’ करेगी। जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने केंद्र और NTA से पारदर्शिता, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रश्नपत्र सुरक्षा और परीक्षा‑चक्र (परीक्षा से पहले, दौरान और बाद) के हर चरण में उठाए गए कदमों पर विस्तृत हलफनामा दायर करने को कहा। यह निर्देश NEET‑UG 2026 पेपर लीक के बाद दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया गया। (इंडियन एक्सप्रेस, लाइव लॉ के अनुसार)
पीठ ने टिप्पणी की कि ‘एड‑हॉकिज़्म’ अब नहीं चल सकता और सुधार संस्थागत होने चाहिए। कोर्ट ने पूछा कि यदि प्रणाली कंप्यूटर‑आधारित टेस्टिंग (CBT) की ओर बढ़ती है तो डेटा सुरक्षा, एन्क्रिप्शन, प्रश्नपत्र के सुरक्षित हस्तांतरण और परीक्षा केंद्रों पर प्रत्याशी पहचान सत्यापन के लिए ठोस प्रोटोकॉल क्या होंगे। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस वर्ष प्रश्नपत्र परिवहन के लिए भारतीय वायुसेना की सहायता लेना अस्थायी कदम था; स्थायी समाधान आवश्यक हैं। (लाइव लॉ के अनुसार)
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को अवगत कराया कि सरकार “समग्र दृष्टि” के साथ सुधारों पर काम कर रही है और उच्च स्तरीय स्तर पर इसकी निगरानी हो रही है। उन्होंने हलफनामा दायर करने के लिए अल्प समय मांगा और कहा कि सरकार डॉ. के. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों से आगे जाकर भी कदम उठाने पर विचार कर रही है। (इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार)
अदालत ने याचिकाकर्ताओं—जिनमें फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल असोसिएशन (FAIMA) और यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) शामिल हैं—से उनके सुझाव विशेषज्ञ समिति के समक्ष रखने को कहा। सुनवाई के अंत में पीठ ने कहा कि वह साल भर सुधारों की प्रगति पर नज़र रखेगी ताकि परीक्षा‑प्रणाली का पूर्ण संस्थाकरण सुनिश्चित हो। अगली सुनवाई 3 अगस्त 2026 को तय की गई। (लाइव लॉ के अनुसार)
यह मामला उत्तराखंड सहित देशभर के अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि मई 2026 में आयोजित NEET‑UG परीक्षा रद्द हुई थी और उसके बाद से परीक्षा‑सुरक्षा तथा चयन‑प्रक्रिया पर व्यापक बहस चल रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार अब केंद्र और NTA को पारदर्शिता, मानव संसाधन में डोमेन‑विशेषज्ञों की नियुक्ति, प्रिंटिंग‑लॉजिस्टिक्स की सुरक्षा और डिजिटल मोड में संक्रमण के रोडमैप जैसे बिंदुओं पर प्रगति‑रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। (लाइवमिंट, इकनॉमिक टाइम्स/ANI के अनुसार)
स्रोत: indianexpress.com · www.livelaw.in · www.livemint.com · economictimes.indiatimes.com




