देहरादून — उत्तराखंड प्रशासन ने भारी बारिश और अनेक जगहों पर भूस्खलन के चलते चारधाम (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री) यात्रा को दो दिन के लिए अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है, जिससे तीर्थयात्रियों और पर्यटन‑क्षेत्र में व्यापक प्रभावितता रही है। यह निर्णय गार्वाल आयुक्त के निर्देश और मार्गों पर पड़े मलबे व यातायात अवरुद्ध होने को देखते हुए लिया गया, एनडीटीवी में प्रकाशित एपी/एएनआई रिपोर्ट के अनुसार।
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, भारतीय मौसम विभाग (IMD), देहरादून केन्द्र ने राज्य के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और गढ़वाल कमिश्नर कार्यालय ने बताया है कि यात्रा तभी फिर शुरू होगी जब मौसम सुधरेगा और मार्गों को सुरक्षित घोषित किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि केदारनाथ मार्ग पर मुंकाटिया क्षेत्र में रास्ता मलबे से बंद हुआ था और वहां रोड‑क्लीयरिंग पर युद्ध स्तर पर काम चल रहा है।
यात्रा नियंत्रण कक्ष (Yatra Control Room) लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है और स्थानीय प्रशासन, पुलिस तथा आपदा प्रबंधन दलों को समन्वय के निर्देश दिए गए हैं, एनडीटीवी/एएनआई के मौखिक बयान के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है। रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह राजवार ने बताया कि गिरने वाले पत्थर और मलबे के कारण मार्गों पर सुरक्षा जोखिम बना हुआ है और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जा रहा है।
देहरादून पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त दल तैनात किए हैं और नदी किनारे व स्लाइड‑प्रोन क्षेत्रों में सायरन/लाउडहेलर के जरिए लोगों को चेतावनी दी जा रही है; वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल ने उच्च सतर्कता की सूचना दी है, जैसा कि एनडीटीवी में उद्धृत किया गया है।
राज्य आपदा प्रबंधन और पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने नागरिकों और तीर्थयात्रियों से अनावश्यक यात्रा न करने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है, हिंदुस्तान टाइम्स ने यह उद्धरण प्रकाशित किया है।
आधिकारिक संदेशों के अनुसार राज्य आपदा प्रबंधन केन्द्र (SEOC) तथा जिला आपदा संचालन केन्द्र (DEOC) 24×7 सक्रिय हैं और मार्ग खुलने तथा सुरक्षा का आश्वासन मिलने पर गढ़वाल कमिश्नर ने यात्रा को फिर शुरू करने का आदेश दिया है।
स्रोत: www.hindustantimes.com · www.ndtv.com · newsonair.gov.in · economictimes.indiatimes.com




